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किराना स्टोर देगा सुपरमार्केट को मात!

किराना स्टोर देगा सुपरमार्केट को मात!

क्या आप किराना दुकानदार हैं? अगर हाँ, तो जरा सोचिए, आपको सुपरमार्केट को टक्कर देने का नुस्खा मिल जाए तो ये आपके लिए कैसा रहेगा? जाहिर सी बात है ये आपके लिए बेहतरीन होगा!


सुपरमार्केट के काम-काज की जिम्मेदारी हजारों लोगों पर होती है, वहीं किराना स्टोर एक अकेला सुपर हीरो चला रहा होता है।


किराना दुकान में काम करने वाला हर इंसान किसी सुपर हीरो से कम नहीं है। ऐसे में हर किराना दुकान चालक संघर्ष से अपनी दुकान को एक सफल मुकाम तक पहुंचाता है।


इस संघर्ष और कड़ी मेहनत के बाद अगर आप सोच रहें कि सुपर मार्केट किराना की जगह ले रहा है, तो शायद आप गलत हैं। 


आइए जानते हैं किराना स्टोर, सुपरमार्केट को मात कैसे देगा? 


किराना स्टोर में जाने वाले लोगों की संख्या है ज्यादा


भारत में जहां किराना स्टोर की संख्या करोड़ों में हैं, वहीं मॉल और सुपरमार्केट लाखों में! वही इसी देश में अमीर और मिडल-क्लास से ऊपर के लोगों की संख्या जितनी है, उससे कई गुना ज्यादा मिडल क्लास और गरीब लोगों की।


ये आंकड़ा सिर्फ आंकड़ा नहीं है बल्कि एक सच्चाई है किराना स्टोर जाने वाले लोगों की। देश में जितने लोगों हर रोज किराना स्टोर से खरीदी कर रहें हैं, वहाँ तक पहुँचने में मॉल को सालों लग जाएंगे।


दूसरी तरफ महंगाई बढ़ती जा रही हैं। इसी के साथ हर दिन गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोग भी। मिडल क्लास फैमिली के पास एक सीमित बजट होता है, वो इससे बाहर नहीं जा सकते। ऐसे लोगों की रोजमर्रा की खरीदी होती है किराना दुकान से।


किराना दुकान कोई भी खोल सकता है 


एक इंसान जिसकी जॉब चली गई है, एक महिला जो खाली वक्त में कुछ करना चाहती है, एक व्यक्ति जो नौकरी के अलावा अतिरिक्त इनकम कमाना चाहता है, कोई भी किराना दुकान शुरू कर सकता है। लेकिन क्या कोई सुपर मार्केट या मॉल शुरू कर सकता है? बिल्कुल नहीं!!!


यही कारण है कि किराना दुकान की संख्या अधिक है और हर दिन बढ़ रही है।


किराना दुकान से खरीदारी करना है आसान


हर किसी के पास काम है और ज्यादातर लोग हफ्ते में एक या दो दिन फ्री होते हैं। ऐसे में ये वक्त ही मिल पता है जब कोई मॉल या सुपरमार्केट जाकर एक-दो घंटे की खरीदारी करेगा। ऐसे भी मॉल लोग समान खरीदने कम और एंटरटेन होने ज्यादा जाते हैं।


किराना दुकानदार से खरीदारी करना इस मुकाबले बेहद आसान है। आज-कल किराना दुकानदार होम डिलीवरी का विकल्प भी रखते हैं। किराना दुकान की बिक्री हर रोज की बात है। जान-पहचान हो तो महीने भर का सामान क्रेडिट पर भी ले सकते हैं। 


मॉल नहीं देता उधार, न पूछता है चाय


लोग वहाँ जाना ज्यादा पसंद करते हैं जहां उन्हें इज्जत मिलें। मॉल में ऐसा कभी नहीं हो सकता कि आपसे कोई चाय पूछे। मॉल में तो शॉपिंग बैग की कीमत भी अलग से चुकानी पड़ती है।


वहीं किराना दुकानदार की अपने आस-पास के लोगों से ज्यादा जान-पहचान हो जाती है। कई लोगों का इनके यहाँ हिसाब चल रहा होता है। ऐसे में कस्टमर से इनकी घनिष्ठता ज्यादा होती है। 


किराना दुकान जरूरत पर आता है काम


एमर्जेंसी में कोई चीज लेनी हो तो कोई भी अपने आस-पास की किराना दुकान में पहले जाता है। कोविड के दौरान भी लोग पूरी तरह किराना दुकान पर आश्रित थे। ऐसे समय में कई लोगों की जॉब गई और कोविड के बाद उन्होनें किराना दुकान शुरू की। इसका मतलब है कि ऐसे समय में लोग किराना दुकान पर भरोसा रखते हैं।


किराना स्टोर होता है सुपरमार्केट/मॉल से सस्ता


हो सकता है आपको सुपर मार्केट में कुछ चीजें अधिक डिसकाउंट पर मिल जाएं लेकिन जब एक नजर आप उनके बिल पर डालेंगे तो उसमें कई तरह के चार्ज लगे होते हैं। वहीं किराना स्टोर पर सामान उतनी ही कीमत में ले सकते हैं जितना प्रोडक्ट का असल रेट है। 


छोटी खरीदी के लिए है - सिर्फ किराना दुकान


अगर आपको एक मैगी या एक बिस्किट का पैकेट खरीदना है तो आप इसके लिए मॉल जाना पसंद नहीं करेंगे। छोटी-छोटी जरूरत के लिए बार-बार सुपरमार्केट नहीं जाया जा सकता, लेकिन किराना दुकान जाया जा सकता है।


सारांश


कुल मिलाकर ये कहा जा सकता है कि ऐसे कई कारण है जिससे किराना स्टोर आसानी से लंबी रेस में सुपरमार्केट और मॉल को धूल चटा सकता है। बस किराना दुकानदारों को जरूरत है समय के हिसाब से खुद को एडवांस बनाने की, अपनी दुकान को कस्टमर के हिसाब से डिजिटल बनाने की।


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